‘eKhabarbat’ Dussehra Special : क्या है आज कि तिथि, क्यों करते है शस्त्र पूजन, कब है पूजा मुहूर्त, किस तरह शुरू हुई परंपरा, जानें सब कुछ

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा आज 15 अक्टूबर (शुक्रवार) को है. दशहरा या विजयादशमी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है. जानते है कि, दशहरा पर विजयादशमी पूजा एवं शस्त्र पूजा का मुहूर्त और इसका महत्व क्या है. l Dussehra 2021 eKhabarbat
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा आज 15 अक्टूबर (शुक्रवार) को है. दशहरा या विजयादशमी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है. जानते है कि, दशहरा पर विजयादशमी पूजा एवं शस्त्र पूजा का मुहूर्त और इसका महत्व क्या है. l Dussehra 2021 eKhabarbat
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मुंबई l Mumbai :

‘बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है शुभ दशहरा’. इस वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 15 अक्टूबर 2021 (शुक्रवार) को दशहरा (Dussehra) है. हिन्दू कैलेंडर (Hindu calendar) के अनुसार दशहरा या विजयादशमी (Vijayadashami) का त्योहार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है.

दशहरा के दिन लंका (Lanka) के राजा रावण (King Ravana), भाई कुंभकर्ण (Kumbhakarna) एवं पुत्र मेघनाद (Meghnad) के पुतलों का दहन किया जाता है. देशभर में होने वाली रामलीलाओं का अंतिम दिन भी दशहरा को ही होता है.

रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतला दहन के साथ रामलीलाओं का समापन होता है. बंगाल (Bengal), बिहार (Bihar) समेत देश के कई राज्यों में दुर्गा पूजा (Durga Puja) का भी समापन विजयादशमी के दिन होता है, हालांकि मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन मुहूर्त पर निर्भर करता है. आइए जानते है कि, दशहरा पर विजयादशमी पूजा एवं शस्त्र पूजा का मुहूर्त और इसका महत्व क्या है. (Let us know, What is the significance of Vijayadashami Puja and Shastra Puja Muhurta on Dussehra)

दशहरा का महत्व (Importance of Dussehra)

महा भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) ने अपनी पत्नी माता सीता (Mata Sita) का हरण करने वाले लंका के राजा रावण का वध आश्विन शुक्ल दशमी (Ashwin Shukla Dashami) को किया था. (Lord Shri Ram killed King Ravana of Lanka)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भीषण युद्ध के बाद दशमी को रावण का वध हुआ और श्रीराम ने लंका विजय प्राप्त की, इसलिए इस दिन को विजयादशमी या दशहरा (Vijayadashami or Dussehra) के रुप में मनाया जाता है.

वहीं, मां दुर्गा (Maa Durga) ने महिषासुर (Mahishasura) के साथ 10 दिनों तक भीषण संग्राम किया और आश्विन शुक्ल दशमी (Ashwin Shukla Dashami) को उसका वध कर दिया. इस वजह से भी उस दिन को विजयादशमी के रुप में मनाया जाने लगा. ये दोनों ही घटनाएं बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है.

विजयादशमी 2021 शस्त्र पूजा मुहूर्त (Vijayadashami 2021 Shastra Puja Muhurta)

अपने देश में विजयादशमी के पावन पर्व पर शस्त्र पूजा (Weapon Worship) की भी परंपरा है. इस वर्ष विजयादशमी पर शत्र पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 02:02 बजे से दपेहर 02:48 बजे तक है. इस मुहूर्त में आप शस्त्र पूजा कर सकते है. सर्वार्थ सिद्धि योग (Sarvartha Siddhi Yog) में भी कर सकते है.

दशहरा 2021 तिथि (Dussehra 2021 tithi)

हिन्दू कैलेंडर (Hindu calendar) के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी का प्रारंभ 14 अक्टूबर को शाम 06:52 बजे से हो हुआ है, जो आज 15 अक्टूबर दिन शुक्रवार को शाम 06:02 बजे तक है. ऐसे में दशहरा या विजयादशमी का पावन पर्व आज 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा.

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विजयादशमी 2021 पूजा मुहूर्त (Vijayadashami 2021 Puja Muhurta)

इस वर्ष विजयादशमी का पावन पर्व सर्वार्थ सिद्धि योग (Sarvartha Siddhi Yoga) और रवियोग (Ravi Yoga) में है. सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात: 06:22 बजे से सुबह 09:16 बजे तक और रवि योग पूरे दिन है. ऐसे में आप विजयादशमी की पूजा सर्वार्थ सिद्धि योग में करें तो उत्तम है.

हालांकि, दशहरा को अभिजित मुहूर्त दिन में 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक है. इसमें भी आप पूजा कर सकते है. लेकिन सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा अच्छा रहेगा. विजयादशमी के दिन देवी अपराजिता (Goddess Aparajita) की पूजा होती है.

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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

”प्रस्तुत इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नही है. विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई है. हमारा उद्देश्य केवल सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे सूचना के तहत ही ले. इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी.”
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