Happy Birthday PM Narendra Modi : चाय बेचने से लेकर मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ने तक, जानें PM मोदी के बचपन से जुड़ी 10 अनकही कहानियां

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन है. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात में हुआ था. उनके बचपन में उनके परिवार की आर्थिक हालत काफी नाजुक थी.
आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन है. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात में हुआ था. उनके बचपन में उनके परिवार की आर्थिक हालत काफी नाजुक थी.
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मुंबई l Mumbai :

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन है. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात में हुआ था. उनके बचपन में उनके परिवार की आर्थिक हालत काफी नाजुक थी. (Today is the 71st birthday of Prime Minister Narendra Modi. He was born on 17 September 1950 in Gujarat)

हालांकि, इस कठिन परिस्थिति से जूझते हुए नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की छलांग लगाई. वर्तमान में, उन्हें न केवल भारत के प्रधान मंत्री के रूप में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लोकप्रिय नेता के रूप समूचे विश्व में जाना जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का निजी जीवन काफ़ी उतार-चढ़ाव और दिलचस्प बातों से भरा पड़ा है. आज आपको इस खास रिपोर्ट में मोदी के जीवन की कुछ दिलचस्प किस्से जानते है.

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे. गुजरात के वडनगर (Vadnagar, Gujarat) में जन्में नरेंद्र बचपन से ही ऋषि-मुनियों के जीवन पर मोहित रहे है.

नरेंद्र मोदी का बचपन 6 भाई-बहनों के परिवार में गरीबी में बीता. उनके पिता की वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी. (Tea shop at Vadnagar railway station) नरेंद्र मोदी बचपन में स्कूल से आकर पिताजी के साथ चाय बेचते थे. 17 साल की उम्र में, उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़े.

2. नरेंद्र मोदी की स्कूली शिक्षा वडनगर में ही हुई. वे कम उम्र से ही वक्तृत्व में पारंगत थे. आज भी वह ऐसे बोलते हैं जो आम लोगों को भाता है. बेशक, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए कड़ी मेहनत और अध्ययन किया है.

3. नरेंद्र मोदी बचपन से ही एक अच्छे छात्र थे. उन्हें विज्ञान और इतिहास के विषयों में बहुत रुचि थी. पढ़ाई के अलावा अन्य चीजों में भी वे पारंगत थे.

उनके भाषणों में उनका प्रभाव अभी भी स्पष्ट है. बचपन में भी नरेंद्र मोदी की आवाज और अभिनय कौशल की चर्चा स्कूल में होती थी. नरेंद्र मोदी अच्छी तरह तैर भी सकते है.

4. नरेंद्र मोदी एक बार बचपन के दोस्त के साथ शर्मिष्ठा सरोवर (Sharmishtha Sarovar) गए थे. उस समय मोदी एक मगरमच्छ के बच्चे को उठाकर घर ले आए थे. (Modi had picked up a baby crocodile and brought it home) मां के काफी समझाने के बाद नरेंद्र मोदी ने मगरमच्छ के बच्चे को वापस झील में ले जाकर छोड़ दिया.

5. जिस स्कूल में नरेंद्र मोदी पढ़ रहे थे, उसके चारों ओर दीवार बननी थी. हालांकि उस समय स्कूल के पास पैसे नहीं थे. तब नरेंद्र ने पहल की और एक नाटक का निर्माण किया. इस नाटक के प्रयोग का पैसा नरेंद्र मोदी ने दीवार बनाने के लिए स्कूल को दिया था.

6. रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी (Reliance founder Dhirubhai Ambani) ने पहले भविष्यवाणी की थी कि, नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे. यह बात उनके उद्योगपति बेटे अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने कही थी. इस कहानी को शेयर करते हुए अनिल अंबानी ने कहा था, ‘मैं पहली बार नरेंद्र मोदी से 1990 में मिला था.

मेरे पिता धीरूभाई अंबानी ने उन्हें रात के खाने पर आमंत्रित किया था. बातचीत के बाद बाबा ने मोदी के बारे में कहा था,“लंबी रेस ने घोड़ो छे, लीडर छे, पीएम बनसे. उनका मतलब था- ये लंबी रेस का घोड़ा है, सही मायने में लीडर है, ये प्रधानमंत्री बनेगा. पापा ने उनकी आंखों में सपने देख लिए थे. वो वैसे ही थे जैसे अर्जुन को अपना विजन पता होता था.”

7. नरेंद्र मोदी बचपन में भी नटखट थे. उन्होंने मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम में एक कहानी सुनाई थी. उन्होंने कहा था कि, बचपन में वह सनई वादकों को इमली दिखाते थे.

जिससे सनई वादक के मुंह में पानी आ जाएगा और वे सनाई ठीक से नहीं बजा पाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि, ऐसी शरारतों से भी बच्चों का विकास होता है.

8. नरेंद्र मोदी के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. परिवार जूते खरीदने का खर्च नहीं उठा सकता था. एक बार उनके चाचा ने उनके लिए सफेद कैनवास के जूते खरीदे. रंग सफेद था, इसलिए जूते जल्दी खराब हो सकते थे.

नरेंद्र मोदी के पास जूतों की पॉलिश के लिए पैसे नहीं थे. तो उन्हें एक तरक़ीब ढूंढ निकली. नरेंद्र चाक के टुकड़े जो शिक्षक फेंकते थे उन्हें इकट्ठा करते थे और फिर उसे भिगोकर उनको अपने जूतों पर लगाते थे. इससे जूते चमकने लगते थे.

9. नरेंद्र मोदी के 66वें जन्मदिन पर बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachcha) ने एक किस्सा सुनाया था. “मैं आपसे पहली बार मुख्यमंत्री आवास पर मिला था. यह एक साधारण सा घर था और यह एक बहुत ही साधारण कमरा था. मैं अपनी फिल्म ‘पा’ (Paa) के लिए टैक्स छूट मांगने के लिए आपसे मिलने गया था. फिर आपने कहा चलो साथ में मूवी देखते है.

उस समय आप मुझे अपनी कार से थिएटर तक ले गए. मेरे साथ फिल्म देखी और साथ में डिनर भी किया. इस दौरान आपसे गुजरात पर्यटन (Gujarat tourism) पर भी चर्चा हुई. उसके बाद अमिताभ बच्चन को गुजरात के पर्यटन विभाग का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया. (Amitabh Bachchan was appointed as the brand ambassador of Gujarat Tourism)

10. नरेंद्र मोदी को बचपन से ही जानवरों और पक्षियों से प्यार रहा है. ‘कॉमन मैन नरेंद्र मोदी’ में किशोर मकवाना ने कहानी लिखी है. स्कूल के दिनों में नरेंद्र एक एनसीसी कैंप (NCC camp) में गए जहां उन्हें बाहर जाने की इजाजत नहीं थी.

मोदी को एक खंभे पर चढ़ते देख गोवर्धनभाई पटेल नाम के एक शिक्षक को बहुत गुस्सा आया, लेकिन अगले ही पल उन्होंने नरेंद्र को एक खंभे पर चढ़ते और पक्षी को बचाने की कोशिश करते देखा. इसके बाद उन्होंने नरेंद्र के इस कदम की सराहना की.

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