नई दिल्ली l New Delhi :
आज (शुक्रवार) को भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने बताया है कि, सीडीएस जनरल बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) समेत 14 लोगों की जिस हेलिकॉप्टर दुर्घटना (Bipin Rawat Helicopter Crash Live Updates) में मौत हुई थी, उस मामले की जांच के बाद शुरुआती जानकारी सामने आ गई है.
वायुसेना ने बताया है कि, 08 दिसंबर 2021 को Mi-17v5 हेलिकॉप्टर दुर्घटना की ट्राई-सर्विस जांच ने अपने शुरुआती नतीजों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (Flight Data Recorder) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (Cockpit Voice Recorder) का एनालिसिस किया. इसमें कहा कि, इस हेलिकॉप्टर दुर्घटना के पीछे मैकेनिकल फेलियर, तोड़फोड़ या लापरवाही का हाथ नहीं है.
अलविदा… CDS जनरल बिपिन रावत, हेलिकॉप्टर हादसे में पत्नी सहित 13 लोगों की मौत
प्रारंभिक नतीजों के मुताबिक, घाटी में मौसम की स्थिति में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला, जिसकी वजह से हेलिकॉप्टर बादलों के बीच जाकर फंस गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया. बादलों की वजह से पायलट को दिशाभ्रम हो गया और हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होकर जमीन से जा टकराया.
Video : कैसे हुआ CDS बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर क्रैश, हादसे से ठीक पहले का वीडियो आया सामने
जांच दल ने दुर्घटना के सबसे संभावित कारण का पता लगाने के लिए सभी उपलब्ध गवाहों से पूछताछ की. इसके अलावा फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का एनालिसिस किया गया. अपने नतीजों के आधार पर, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने कुछ सिफारिशें की है जिनकी समीक्षा की जा रही है.
08 दिसंबर 2021 को Mi-17 V5 दुर्घटना में ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (जिसमें सीडीएस रावत और अन्य की मौत हो गई) ने अपने प्रारंभिक निष्कर्षों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का विश्लेषण किया। हादसे की वजह लापरवाही है: IAF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 14, 2022
