Nashik Corona Update : चिंता बढ़ी, नाशिक में एक महीने के अंदर 145 बच्चे कोरोना पॉजिटिव

Nashik Corona Alert : कोरोना का टेंशन कम नहीं हो रहा है. नाशिक शह, मालेगांव शहर, ग्रामीण में 15 हजार 655 बच्चों का RT-PCR टेस्ट किया गया..
Nashik Corona Alert : कोरोना का टेंशन कम नहीं हो रहा है. नाशिक शह, मालेगांव शहर, ग्रामीण में 15 हजार 655 बच्चों का RT-PCR टेस्ट किया गया..
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नाशिक (नासिक) l Nashik (Nasik) :

कोरोना का टेंशन कम नहीं हो रहा है. नाशिक शहर (Nashik City), मालेगांव शहर, ग्रामीण (Malegaon City, Rural) में पिछले 27 दिनों में 15 हजार 655 बच्चों का आरटी-पीसीआर (RT-PCR) और रैट टेस्ट (Rat Test) किया गया.

इनमें से 145 बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए है. इस तरह से पॉजिटिविटी रेट (Positivity Rate) एक प्रतिशत है. पांच वर्ष तक के और 6 से 10 वर्ष तक के बच्चों में पॉजिटिविटी रेट 1.3 प्रतिशत है. 11 से 15 वर्ष उम्र तक के बच्चों में पॉजिटिविटी रेट 1.2 और 16 से 18 वर्ष तक के किशोरों में पॉजिटिविटी रेट 0.7 प्रतिशत है.

कोरोना की स्थिति को देखते हुए खासकर स्कूल नहीं जाने वाले और पहली से 9वीं तक के बच्चों का ध्यान रखने की चुनौती परिवारों के सामने खड़ी हो गई है.

बच्चों को मास्क पहनने, हाथ की सफाई करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही अगर कोई बच्चा बीमार हो जाता है तो तुरंत उसके उपचार पर ध्यान देना चाहिए.

Nashik Corona Update : चिंता बढ़ी, नाशिक में एक महीने के अंदर 145 बच्चे कोरोना पॉजिटिव

लड़कों में संक्रमण अधिक (More infections in Boys)

कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों में लड़कों की संख्या 1.20 प्रतिशत है, जबकि 0.74 प्रतिशत लड़कियां (Girls) कोरोना पॉजिटिव है.

लड़कियां (Girls) : 5 वर्ष तक के 505 में 4, 6 से 10 वर्ष के 1 हजार 48 में 14, 11 से 15 वर्ष की 3 हजार 13 लड़कियों में 24, 16 से 18 उम्र की 2,843 में 14 लड़कियां, इस प्रकार कुल 5 हजार 409 लड़कियों में 55 लड़कियां संक्रमित पाई गई है.

लड़कों (Boys) : 5 वर्ष तक के 620 लड़कों में 10, 6 से 10 वर्ष के 1 हजार 68 लड़कों में 14, 11 से 15 वर्ष के 2,821 लड़कों में 45 और 16 से 18 उम्र के 3,736 में से 38 लड़कों सहित कुल 8 हजार 245 में 99 लड़के कोरोना पॉजिटिव पाए गए है.

  • स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के सुझाव दिए गए है.

  • स्कूल आने वाले हर बच्चे का बुखार मापने, ऑक्सीमीटर से जांचने से लेकर बच्चे ज्यादा समय तक भीड़-भाड़ में नहीं रहें. इसका ध्यान रखने के लिए कहा गया है.

  • डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा खिलाए.

  • इसके अलावा बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार आने पर खास रुप से ध्यान देने की अपील की गई है.

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