सावधान! Nasik/Nashik विभाग में हाथी रोग के 278 मामले, जानिए जिला निहाल मरीजों के आकड़े

नासिक विभाग में फ़िलहाल हाथी रोग के 278 मरीज हैl
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नासिक/नाशिक l Nashik/Nasik :

विश्व आरोग्य संगठन (World Health Organization) द्वारा दिए गए उद्दिष्ट के तहत 2021 में फाइलेरिया (एलीफैंटियासिस) Filariasis (Elephantiasis) या हाथी रोग (Elephant Disease) दूरीकरण का ध्येय स्वास्थ्य विभाग ने रखा है। इसके लिए 16 अगस्त से नासिक विभाग में विशेष दूरीकरण अभियान शुरू किया गया है, ये अभियान आगे 31 अगस्त तक शुरू रहेगा।

नासिक विभाग में फ़िलहाल 278 मरीज है। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए कहा, दूरीकरण के बारे में कार्यवाही प्रभावी तौर पर विभाग में जिला निहाय हाथी रोग के बाहर और अंडवृद्धि मरीजों की लिस्ट पेश करने की सूचना दी गई है, जिसमें नए हाथी रोग/अंडवृद्धि मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है।

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हाथी रोग के लक्षण सामने आए मरीजों को नि:शुल्क डीईसी गोली, व्यंगोपचार के बारे में मार्गदर्शन और अंडवृद्धि हुए मरीजों के लिए जिला सामान्य अस्पताल में नि:शुल्क शल्य चिकित्सा की जा रही है।

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ये हे ‘हाथी रोग’ के लक्षण

हाथी रोग जंतु का प्रसार क्युलेक्स मच्छर के माध्मम से होता है। क्युलेक्स मच्छर (Culex mosquito) की मादा के काटने के बाद यह जंतु निरोगी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर अगले देढ़ वर्ष के बाद इस रोग के लक्षण दिखाई देते है, जिसमें हाथ और पैर में सूजन, पुरुषों में अंडवृद्धि के लक्षण दिखाई देते है।

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क्युलेक्स मच्छरों की उत्पत्ती और उपाय

क्युलेक्स मच्छर की उत्पत्ति गंदे पानी में होती है। रोग का प्रसार टालने के लिए परिसर स्वच्छता, गंदे पानी का सही तरह से नियोजन, वेंटपाइप को जाली लगाना, जमा होने वाले गंदे पानी में गप्पीमासे छोड़े, आरोग्य विभाग के गप्पी मासे पैदास केंद्र से गप्पीमासे नि:शुल्क उपलब्ध किए जाते है।

जिला निहाल मरीजों के आकड़े

जलगांव 88
अहमदनगर 40
धुलिया 28
नंदुरबार 32

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