नई दिल्ली l New Delhi :
सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार (28 अक्टूबर) को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency (NTA) को साल 2021 के लिए ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज (Graduate Medical Courses) में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (National Eligibility-cum-Entrance Test (NEET) के रिजल्ट घोषित करने की अनुमति दी. सुप्रीम कोर्ट ने 2 छात्रों के लिए पुन: परीक्षण पर बॉम्बे HC (Bombay HC) के आदेश पर रोक लगाकर NEET UG रिजल्ट घोषित करने का रास्ता साफ कर दिया है.
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने एनटीए (NTA) को रिजल्ट घोषित नहीं करने के लिए कहा था, क्योंकि दो उम्मीदवारों ने यह दावा किया था कि, 12 सितंबर को आयोजित एनईईटी परीक्षा (NEET exam) के दौरान उनकी परीक्षा पुस्तिकाएं और ओएमआर शीट मिक्स हो गई थीं.
जस्टिस एल नागेश्वर राव (Justices L Nageswara Rao), दिनेश माहेश्वरी (Dinesh Maheshwari) और बीआर गवई (BR Gavai) की तीन-न्यायाधीशों की बेंच ने आज आदेश दिया, ”हम हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते है. एनटीए नीट यूजी रिजल्ट की घोषणा कर सकता है.”
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, दो छात्रों के लिए करीब 16 लाख छात्रों के रिजल्ट पर रोक नहीं लगाई जा सकती है. बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि NEET परीक्षा दो छात्रों, वैष्णवी भोपाली (Vaishnavi Bhopali) और अभिषेक शिवाजी (Abhishek Shivaji) के लिए आयोजित की जानी चाहिए, जिन्होंने आरोप लगाया था कि, उन्हें गलत सीरियल नंबर के साथ प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं दी गई थीं.
केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया था, जिसमें कहा गया था कि, एनटीए रिजल्ट तैयार होने पर भी उसे जारी नहीं कर सकता है. केंद्र सरकार (Central Government) ने अपनी अपील में कहा कि नीट रिजल्ट में देरी से ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन प्रभावित होगा.
बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation (CBI) ने पहले उन ग्रुप को गिरफ्तार किया था जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों को प्रश्न पत्र हल करने में मदद की थी.
