Maharashtra : अमरावती में तनाव जारी, लगाया गया 4 दिन का कर्फ्यू, इंटरनेट पूरी तरह से बंद, जानिए मालेगाव और नांदेड की ताजा स्थिति

अमरावती में तनाव जारी, लगाया गया 4 दिन का कर्फ्यू, इंटरनेट पूरी तरह से बंद, जानिए मालेगाव और नांदेड की स्थिति l Amravati Nanded Malegaon violence
अमरावती में तनाव जारी, लगाया गया 4 दिन का कर्फ्यू, इंटरनेट पूरी तरह से बंद, जानिए मालेगाव और नांदेड की स्थिति l Amravati Nanded Malegaon violence
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अमरावती (महाराष्ट्र) l Amravati (Maharashtra) :

त्रिपुरा (Tripur Violence) में हिंसा की अफवाह को लेकर 2 हफ्ते बाद शुक्रवार (12 नवंबर) को महाराष्ट्र (Maharashtra) के 3 शहर अमरावती (Amaravati), नांदेड (Nanded) और मालेगांव (Malegaon) में हिंसा-आगजनी और तोड़फोड़ हुई. पुलिस और उपद्रवियों के बीच भी भारी झड़प हुई. जिसके विरोध में कल शनिवार (13 नवंबर) को बीजेपी (Bharatiya Janata Party (BJP) ने अमरावती में बंद (Amaravati Band) बुलाया था.

इसी दौरान एक दुकान को खुली देखकर बीजेपी कार्यकर्ताओं (BJP workers) ने उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज (lathi-charge) किया. अमरावती में 4 दिन का कर्फ्यू लगा है. (4-day curfew in Amravati) और साथ ही इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि, अभी मालेगांव (Malegaon) और नांदेड़ (Nanded) दोनों जगहों पर हालात तनावपूर्ण लेकिन कंट्रोल में है.

अमरावती में बीते दो दिनोंसे लगातार बना हुआ है तनाव (Tension has remained constant in Amravati for the last two days)

त्रिपुरा हिंसा (Tripura violence) के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी महाराष्ट्र के अमरावती में तनाव रहा. अमरावती में दोबारा तोड़फोड़ के साथ दुकानों में भी आग लगा दी गई. आज बीजेपी (BJP) ने अमरावती में ग्रामीण इलाके (Amravati rural area) में बंद का ऐलान किया है. सवाल ये है कि, आखिर त्रिपुरा (Tripura) के नाम पर अमरावती को जलाने की साजिश कौन कर रहा है?

इंटरनेट की सेवा 4 दिन के लिए पूरी तरह से बंद (Internet service completely closed for 4 days)

बता दें कि, लगातार दूसरे दिन अमरावती (Amravati) में पथराव-तोड़फोड़ की घटना हुई और दुकानों में आग लगाई गई है. शनिवार को अमरावती में हिंदू संगठनों ने बंद बुलाया था. ये बंद शुक्रवार को कट्टरपंथियों की ओर से हुई हिंसा के विरोध में बुलाया गया था. (This bandh was called on Friday in protest against the violence by the fundamentalists)

हालांकि, मालेगांव और नांदेड़ में फ़िलहाल शांति बरकरार है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, अमरावती शहर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सीआरपीसी की धारा 144 (CRPC Section 144) के तहत लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाओं को 4 दिन के लिए बंद कर दिया गया है. महाराष्ट्र के डीजीपी संजय पांडे (Maharashtra DGP Sanjay Pandey) का कहना है कि, अगर जरूरत पड़ी तो हम ज्यादा फोर्स का इस्तेमाल करेंगे और स्थिति पर नियंत्रित करेंगे.

रजा एकेडमी पर लगे गंभीर आरोप (Serious allegations against Raza Academy)

बीजेपी ने महाराष्ट्र की इस्लामिक संस्था रजा अकादमी (Islamic organization Raza Academy) पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया है, उसके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है.

नासिक ग्रामीण के एसपी सचिन पाटिल (Nashik Rural SP Sachin Patil) ने कहा कि, हमने अब तक पांच FIR दर्ज की है, जिसमें रजा एकेडमी और दूसरे आयोजकों सहित तोड-फोड़ करने वाले भी शामिल है. इस मामले में अब तक 10 लोग हिरासत में लिए जा चुके है.

भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) का आरोप है कि, ये महाराष्ट्र में रहने वाले हिंदुओं को डराने की कोशिश की जा रही है उनके ऊपर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है और महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) उनको पूरी तरीके से प्रोटेक्शन दे रही है.

त्रिपुरा में जो कुछ हुआ ही नहीं उसके ऊपर ये लोग इस तरीके से मोर्चे निकाल रहे है और सिर्फ हिंदुओं (Hindu) पर ही अटैक हो रहा है. हिंदुओं के ऊपर ही दबाव डाला जा रहा है तो इसका और क्या सिग्नल है? वो ये बताना चाहते है कि, महाराष्ट्र में रहना है तो हिंदुओं को डर कर रहना पड़ेगा.

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Former Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis) के मुताबिक, कट्टरपंथी शुक्रवार को बंद के नाम पर धर्म देखकर दुकानों में तोड़-फोड़ कर रहे थे. वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik, Minister, Maharashtra government) ने कहा कि, जिस तरह से त्रिपुरा में हिंसा हुई और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (Former Shia Waqf Board chairman Wasim Rizvi) की किताब को लेकर देशभर में लोगों ने विरोध दर्शाने के लिए बंद का आह्वान किया था.

महाराष्ट्र में भी बंद बुलाया गया लेकिन बंद के बाद तीन जगह पर हिंसा भड़की. कुछ पथराव हुए और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया है. बड़ा सवाल है, क्या ये पूरी हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. आखिर कैसे त्रिपुरा से 2,500 किलोमीटर दूर अमरावती इस तरीके से सुलग गया.

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