Special Report : क्या आप भी करते है ‘ब्लूटूथ हेडफोन’ का इस्तेमाल या करने की सोच रहे है.. तो यह खबर जरूर पढ़े, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति से जुड़ा है पूरा मामला

Special Report : क्या आप भी करते है 'ब्लूटूथ हेडफोन' का इस्तेमाल या करने की सोच रहे है.. तो यह खबर जरूर पढ़े, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति से जुड़ा है पूरा मामला..
Special Report : क्या आप भी करते है 'ब्लूटूथ हेडफोन' का इस्तेमाल या करने की सोच रहे है.. तो यह खबर जरूर पढ़े, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति से जुड़ा है पूरा मामला..
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मुंबई l Mumbai :

यह स्पेशल रिपोर्ट अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस (US Vice President Kamala Harris) से जुड़ी है. कमला हैरिस एक प्रतिभा संपन्न महिला है जिन्होंने अमेरिका के इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाया और उप-राष्ट्रपति (US Vice President) जैसे महान पद पर काबिज हुईं.

अगर आपन कमला हैरिस को फॉलो करते है तो आपने हमेशा नोटिस किया होगा की, वे अपने साथ एक वायर ईयरफोन (Wired Earphone) लेकर चलती है. अब आप सोचेंगे कि, पूरी दुनिया में टेक्नोलॉजी का शहंशाह देश अमेरिका (America) और वहां की उप-राष्ट्रपति इस जमाने में भी वायर वाला ईयरफोन साथ लेकर क्यों चलती है.

आजकल एक से एक बेहतरीन और महंगे ब्लूटूथ एयरपॉड (Bluetooth Airpod) बाजार में मौजूद है जिनका इस्तेमाल बहुत ही सुविधाजनक और सहेज है. यहां तक कि, कान में लगा लें तो किसीको को पता भी न चले. फिर उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस उसका इस्तेमाल क्यों नहीं करतीं है?

इसके बारे में डिटेल में रिपोर्ट दी है विदेशी खबरों का भारतीय चैनल WION ने. जी हां, वियोन की एक रिपोर्ट बताती है कि, उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी को लेकर बहुत गंभीर सोच रखती है.

ब्लूटूथ हेडफोन को कमला हैरिस थोड़ा संदिग्ध निगाह से देखती है और वे तार वाले हेडफोन्स को सुरक्षित और भरोसेमंद मानती है. वे इस तथ्य पर भरोसा करती है कि, तार वाले हेडफोन सुरक्षित है जबकि ब्लूटूथ हेडफोन से हैकर्स को आसानी से मौका मिल सकता है और वे साइबर धोखाधड़ी (Cyber Frauds) को अंजाम दे सकते है.

ब्लूटूथ का घाटा क्या है ? (What is the disadvantage of bluetooth?)

दरअसल, ब्लूटूथ कनेक्शन में डिवाइस को जोड़ने के लिए किसी तार की जरूरत नहीं पड़ती. यह पूरी तरह से बेतार (वायरलेस) होता है. कॉल, फाइल का ट्रांसफर हो या इंटरनेट की सुविधा, बिना तार ब्लूटूथ के जरिये सीधे ली जा सकती है.

बड़ी दिक्कत यह होती है कि, ब्लूटूथ का कनेक्शन (Bluetooth Headphones) सुरक्षित नहीं माना जाता क्योंकि, आपकी डिवाइस (Device) कई और डिवाइस के संपर्क में आसानीसे आ जाती है. और हैकर (Hackers) इसका फायदा बड़ी आसानी से उठा सकते है और आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते है. इसीलिए जब काम न हो तब-तब ब्लूटूथ को बंद रखने की सलाह दी जाती है.

जांच में क्या पता चला है ? (What did the investigation find?)

पहले की कई अलग-अलग जांच में इस बात का पता चला है कि, ब्लूटूथ कनेक्शन (Bluetooth Headphones) के साथ हेराफेरी (नेटवर्क से छेड़छाड़ या धोखाधड़ी) आसानी से की जा सकती है. ब्लूटूथ कनेक्शन को हैक किया जा सकता है जिससे कि, साइबर अपराधी (Cyber Criminals) मोबाइल जैसी डिवाइस को अपने काबू में ले सकते है. और उसके साथ अपने हिसाब से काम कर सकते है.

यहां तक कि, हैकर आपके मोबाइल या लैपटॉप से ब्लूटूथ लगा है तो उसमें मैलवेयर (Malware) या स्पाईवेयर (Spyware) डालकर जासूसी कर सकते है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर (Cyber Security Researcher) ने ब्लूटूथ का इस्तेमाल कर कुछ मोबाइल फोन (Mobile Phones) में सुरक्षा को खतरे को परखा है. अपने प्रयोग में उन्होंने आसानी से सुरक्षा के प्रोटोकॉल (Violation Security Protocols) का उल्लंघन किया. इससे पता चलता है कि, साइबर अपराधी भी ऐसा करने में सफल हो सकते है. और इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते है.

हरवक्त सुरक्षा का खतरा (Security Risk at all times)

हैकर ब्लूटूथ के माध्यम से फोन के नेटवर्क (Phone Network) को अपने कब्जे में ले सकते है. स्पाईवेयर या मैलवेयर की मदद से बैंक (Banks) , राष्ट्र सुरक्षा से जुड़ी जानकारी (Information related to National Security) या फिर किसीकी निजी जानकारी चुरा सकते है, यहां तक कि, बिजनेस (Business) के बारे में भी सूचना पा सकते है. यही वजह है कि, कमला हैरिस ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी (Bluetooth Headphones) को लेकर हमेशा फिक्रमंद रहती है और उससे ज्यादा भरोसा उन्हें तार वाले ईयरफोन (Wired earphones) पर होता है.

राजनीतिक और सुरक्षा (Political and Security) से जुड़े खतरों के देखते हुए हमेशा अपने ब्लूटूथ कनेक्शन को बंद रखती है. कहा जाता है कि, जो लोग एक ही फोन में पर्सनल (Personal Data) और बिजनेस डाटा (Business Data Leak) रखते है, उन्हें और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. न जाने कब हैकर की नजर आप पर पड़ जाये और आपका पर्सनल डेटा लिक (Personal Data Leake) हो कर सार्वजानिक हो जाये.

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