अमरावती (महाराष्ट्र) l Amravati (Maharashtra) :
त्रिपुरा (Tripur Violence) में हिंसा की अफवाह को लेकर 2 हफ्ते बाद शुक्रवार (12 नवंबर) को महाराष्ट्र (Maharashtra) के 3 शहर अमरावती (Amaravati), नांदेड (Nanded) और मालेगांव (Malegaon) में हिंसा-आगजनी और तोड़फोड़ हुई. पुलिस और उपद्रवियों के बीच भी भारी झड़प हुई. जिसके विरोध में कल शनिवार (13 नवंबर) को बीजेपी (Bharatiya Janata Party (BJP) ने अमरावती में बंद (Amaravati Band) बुलाया था.
इसी दौरान एक दुकान को खुली देखकर बीजेपी कार्यकर्ताओं (BJP workers) ने उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज (lathi-charge) किया. अमरावती में 4 दिन का कर्फ्यू लगा है. (4-day curfew in Amravati) और साथ ही इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि, अभी मालेगांव (Malegaon) और नांदेड़ (Nanded) दोनों जगहों पर हालात तनावपूर्ण लेकिन कंट्रोल में है.
Rahul Gandhi speaks at a training session of his Party in Maharashtra.
He attacks Hindus and calls them violent.
Result: Muslim mobs go on a rampage in Maharashtra indulging in huge violence. This is done on the pretext of violence in Tripura which never happened.
— Sambit Patra (@sambitswaraj) November 13, 2021
अमरावती में बीते दो दिनोंसे लगातार बना हुआ है तनाव (Tension has remained constant in Amravati for the last two days)
त्रिपुरा हिंसा (Tripura violence) के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी महाराष्ट्र के अमरावती में तनाव रहा. अमरावती में दोबारा तोड़फोड़ के साथ दुकानों में भी आग लगा दी गई. आज बीजेपी (BJP) ने अमरावती में ग्रामीण इलाके (Amravati rural area) में बंद का ऐलान किया है. सवाल ये है कि, आखिर त्रिपुरा (Tripura) के नाम पर अमरावती को जलाने की साजिश कौन कर रहा है?
We condemn protests&violence happening in Maharashtra. Tripura Police have exposed fake photos posted on social media.I appeal to people of Amravati to maintain social harmony&peace.There should be action against leaders giving inciting speeches: Maharashtra LoP Devendra Fadnavis pic.twitter.com/5rPC7wx2dK
— ANI (@ANI) November 13, 2021
इंटरनेट की सेवा 4 दिन के लिए पूरी तरह से बंद (Internet service completely closed for 4 days)
बता दें कि, लगातार दूसरे दिन अमरावती (Amravati) में पथराव-तोड़फोड़ की घटना हुई और दुकानों में आग लगाई गई है. शनिवार को अमरावती में हिंदू संगठनों ने बंद बुलाया था. ये बंद शुक्रवार को कट्टरपंथियों की ओर से हुई हिंसा के विरोध में बुलाया गया था. (This bandh was called on Friday in protest against the violence by the fundamentalists)
हालांकि, मालेगांव और नांदेड़ में फ़िलहाल शांति बरकरार है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, अमरावती शहर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सीआरपीसी की धारा 144 (CRPC Section 144) के तहत लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाओं को 4 दिन के लिए बंद कर दिया गया है. महाराष्ट्र के डीजीपी संजय पांडे (Maharashtra DGP Sanjay Pandey) का कहना है कि, अगर जरूरत पड़ी तो हम ज्यादा फोर्स का इस्तेमाल करेंगे और स्थिति पर नियंत्रित करेंगे.
Maharashtra home minister @Dwalsepatil said they will order inquiry in Amarawati, Malegaon, Nanded & Parbhani violence & actions will be taken against the guilty once they get report. In Amarawati, the curfew imposed & internet service suspended for 4 days.@NewIndianXpress
— Sudhir Suryawanshi (@ss_suryawanshi) November 14, 2021
रजा एकेडमी पर लगे गंभीर आरोप (Serious allegations against Raza Academy)
बीजेपी ने महाराष्ट्र की इस्लामिक संस्था रजा अकादमी (Islamic organization Raza Academy) पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया है, उसके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है.
नासिक ग्रामीण के एसपी सचिन पाटिल (Nashik Rural SP Sachin Patil) ने कहा कि, हमने अब तक पांच FIR दर्ज की है, जिसमें रजा एकेडमी और दूसरे आयोजकों सहित तोड-फोड़ करने वाले भी शामिल है. इस मामले में अब तक 10 लोग हिरासत में लिए जा चुके है.
भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) का आरोप है कि, ये महाराष्ट्र में रहने वाले हिंदुओं को डराने की कोशिश की जा रही है उनके ऊपर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है और महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) उनको पूरी तरीके से प्रोटेक्शन दे रही है.
Divided by geography but united as always in their faith: "… Sar tan se juda… Sar tan se juda" chants being heard in Malegaon.
The protest was called upon by Raza Academy and supported by AIMIM and other 'secular' groups.
Violence being reported in Malegaon and Amravati. https://t.co/7qMjZCAsGL pic.twitter.com/hwdHvb1GfB
— Maha Vinash Aghadi ᴾᵃʳᵒᵈʸ (@MVAGovt) November 12, 2021
त्रिपुरा में जो कुछ हुआ ही नहीं उसके ऊपर ये लोग इस तरीके से मोर्चे निकाल रहे है और सिर्फ हिंदुओं (Hindu) पर ही अटैक हो रहा है. हिंदुओं के ऊपर ही दबाव डाला जा रहा है तो इसका और क्या सिग्नल है? वो ये बताना चाहते है कि, महाराष्ट्र में रहना है तो हिंदुओं को डर कर रहना पड़ेगा.
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Former Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis) के मुताबिक, कट्टरपंथी शुक्रवार को बंद के नाम पर धर्म देखकर दुकानों में तोड़-फोड़ कर रहे थे. वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik, Minister, Maharashtra government) ने कहा कि, जिस तरह से त्रिपुरा में हिंसा हुई और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (Former Shia Waqf Board chairman Wasim Rizvi) की किताब को लेकर देशभर में लोगों ने विरोध दर्शाने के लिए बंद का आह्वान किया था.
महाराष्ट्र में भी बंद बुलाया गया लेकिन बंद के बाद तीन जगह पर हिंसा भड़की. कुछ पथराव हुए और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया है. बड़ा सवाल है, क्या ये पूरी हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. आखिर कैसे त्रिपुरा से 2,500 किलोमीटर दूर अमरावती इस तरीके से सुलग गया.
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