वाशिंगटन l Washington :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (25 सितम्बर) संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है. (Prime Minister Narendra Modi has addressed the UN General Assembly (UNGA) इस बार उन्होंने अफगानिस्तान (Afghanistan) और कोरोना (Corona) पर फोकस किया. उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान की आलोचना भी की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आतंकवाद एक वैश्विक संकट है. (Terrorism is a global crisis) अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं किया जाना चाहिए. इसके लिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है. किसी को भी अपने फायदे के लिए वहां की स्थिति का फायदा नहीं उठाना चाहिए. इस बार अफगानिस्तान के लोगों, महिलाओं, बच्चों को हमारी सख्त जरूरत है. हम सबको अपना कर्तव्य निभाना है.”
Regressive Thinking के साथ, जो देश आतंकवाद का political tool के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें ये समझना होगा कि आतंकवाद, उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है। pic.twitter.com/vjjehd6Kjz
— PMO India (@PMOIndia) September 25, 2021
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित किया है. (Prime Minister Narendra Modi has addressed the 76th session of the UNGA) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर है.
उन्होंने यह भी कहा कि, “कोरोना और भारत ने आजादी के 75 साल पूरे कर लिए है. कोरोना के चलते पिछले साल महासभा (General Assembly) का सत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हुआ था. दूषित पानी एक वैश्विक समस्या है. इस समस्या के समाधान के लिए हम 17 करोड़ घरों में पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहे है. दुनिया के सबसे बड़े देश में बहुत से लोगों के पास जमीन और आवास का अधिकार नहीं है.”
“आज हम 60 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन के जरिए मैपिंग कर अरबों लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड बना रहे है. यह डिजिटल रिकॉर्ड संपत्ति (Digital record of property disputes) विवाद सुलझाने में काम आएगा. आज भारत में 350 करोड़ से ज्यादा का लेन-देन हो रहा है,”
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा. “भारत टीकाकरण अभियान के तहत कोविन एप के जरिए अरबों लोगों का टीकाकरण कर रहा है. भारत सेवा परमो धर्म के आधार पर दुनिया के कल्याण के लिए प्रयास करता है. भारत ने दुनिया का पहला डीएनए वैक्सीन (DNA Vaccine) विकसित कर लिया है. टीका 12 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दिया जा सकता है. भारतीय वैज्ञानिक भी आरएनए वैक्सीन (RNA Vaccine) बनाने की कोशिश कर रहे है. दूसरी ओर, भारत ने एक बार फिर जरूरतमंद देशों का टीकाकरण शुरू कर दिया है.”
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साथ ही इस बार पंतप्रधान मोदी ने दुनिया भर के वैक्सीन निर्माताओं को भारत आने और देश में टीकाकरण के लिए चुनौती देने के लिए आमंत्रित किया है.
