वाशिंगटन l Washington :
अमेरिकी सेना (US military) अफगानिस्तान (Afghanistan) से 20 साल पुराने सैन्य अभियान (US’s Afghanistan Mission Ends) को मंगलवार (31 अगस्त) को ख़त्म कर वापस अपने देश लौट चुकी है।
अमेरिकी फौज ने जाने से पहले अपने तमाम लड़ाकू विमानों (Fighter Planes), हेलीकॉप्टरों (Helicopters) और हथियारबंद वाहनों (Armored Vehicles) को निष्क्रिय करने का दावा किया है। ताकि तालिबान इनका किसीभी प्रकार से इस्तेमाल ना कर सके।
सेंट्रल कमान के प्रमुख जनरल केनेथ मैकेंजी (General Kenneth McKenzie) ने बताया कि, जबसे तालिबान का अफगानिस्तान पे कब्ज़ा हुआ है तबसे बीते 15 दिनों में विमानों से करीब सवा लाख से अधिक लोगों को अफगानिस्तान (Taliban Controlled Afghanistan) से बाहर निकाला गया है।

अमेरिकी सेना ने काबुल एय़रपोर्ट (Kabul Airport) पर हाईटेक रॉकेट डिफेंस सिस्टम (Hi-Tech Rocket Defense System) को भी निष्क्रिय कर दिया है।
साथ ही हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Hamid Karzai International Airport) पर 73 विमानों को पहले ही डिमिलिट्राइज्ड (Demilitarized) कर दिया गया है, ये विमान अब बेकार हैं, इसका इस्तेमाल कभी नहीं किया जा सकेगा।
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आगे बताया कि, अमेरिकी सेना 70 हथियारबंद वाहन अफगानिस्तान (70 MRAP armored tactical vehicles in Afghanistan) में छोड़ गई है। इनमें हर एक वाहन की कीमत 10 लाख डॉलर है।
इसके साथ 27 हमवी (27 Humvees) भी वहां छोड़ आए हैं। लेकिन अमेरिकी सेना ने इन्हें निष्क्रिय कर ये सब कभी किसी के काम में नहीं आनेका दावा किया है।

काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने रॉकेट डिफेंस सिस्टम (Rocket Defense System) (C RAM system counter rocket) लगवाया था, ताकि किसीभी रॉकेट हमलों से अमेरिकी सैनिकों और अमेरिकी विमानों को बचाया जा सके। सोमवार (30 अगस्त) को काबुल हवाई अड्डे पर दागे गए 5 रॉकेट को इसी सिस्टम से निष्क्रिय किया था.
मैकेंजी ने कहा कि, अमेरिका के आखिरी विमान को अफगानिस्तान से रवाना होने तक इसे चालू रखा गया था। हमें इस रॉकेट डिफेंस सिस्टम (Rocket Defense System) को निष्क्रिय करने में बहुत अधिक समय लगा। इन्हें तोड़ने और डिएक्टिवेट करने के बाद इनका दोबारा इस्तेमाल कभी संभव नहीं हो पाएगा।
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