वाशिंगटन l Washington :
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Former US President Donald Trump) के पूर्व सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन (Security AdvisorJohn Bolton) ने आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि, तालिबान (Taliban) के अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद पाकिस्तानी 150 परमाणु बम जब्त करने की संभावना है. (Taliban is likely to seize 150 nuclear bombs after the withdrawal of American troops)
अगर तालिबान हमला कर पाकिस्तान (Pakistan) पर कब्जा कर लेता है, तो ये परमाणु हथियार तालिबान (Taliban) के हाथों में पड़ सकते है. तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद अब तालिबान पाकिस्तान पर भी हमला कर सकता है. (Former security advisor John Bolton warned Taliban could get nuclear weapons)
Maulana Abdul Aziz gets into an argument with Islamabad police trying to remove Taliban flags from Lal Masjid pic.twitter.com/C0IBzxYpej
— Naya Daur Media (@nayadaurpk) September 18, 2021
अफगानिस्तान (Afghanistan) पर अब तालिबान का नियंत्रण है. उनके आतंकियों पर अब पाकिस्तान पर कब्जा करने का दबाव बढ़ रहा है. इसका मतलब है कि, 150 परमाणु बम आतंकवादियों के हाथों में पड़ने की ग़हरी संभावना है.
तालिबान के पास वर्तमान में अरबों क़ीमत की अत्याधुनिक हथियार है जिनकी आपूर्ति संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अफगान सेना को की जाती थी. अमेरिका ने कहा है कि, अब यही तालिबान की ताकत साबित हो सकता है.
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तालिबान के आतंकियों का पाकिस्तान पर हमला करने का खतरा बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान के पास 150 से 160 परमाणु बम है. (Pakistan has 150 to 160 nuclear bombs) इसके अलावा, सतह से हवा में मार करने वाली 102 मिसाइलें है. (102 surface-to-air missiles)
पाकिस्तान के पास अमेरिका से लिए गए F-16 लड़ाकू विमानों (F-16 fighter Jets) पर 24 परमाणु बम लांचर (24 nuclear bomb launcher) है.
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जॉन बोल्टन (John Bolton) ने कहा है कि, अगर तालिबान ने इस सब पर नियंत्रण कर लिया तो यह दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होगा. बोल्टन ने अप्रैल 2018 से सितंबर 2019 तक ट्रम्प के सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्य किया है.
बोल्टन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तानी मदरसों में तालिबान के झंडे लहराए जा रहे है. पाकिस्तान भी शरिया कानून लागू करने की मांग कर रहा है. झंडे हटाने गई पुलिस का मौलाना और लोगों ने विरोध भी किया है. पाकिस्तान में तालिबान की विचारधारा का प्रसार अब दुनिया के लिए खतरा बन गया है.
