लखनऊ l Lucknow :
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के लिए आज मंगलवार का दिन सही मायनों में मंगल नहीं, बल्कि अशुभ साबित हुआ है. महज चार घंटों के भीतर बीजेपी के 5 विधायकों ने इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की साइकिल में सवार होने का निर्णय लिया है.
इन विधायकों में सबसे महत्वपूर्ण चेहरा योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (MLAs was Swami Prasad Maurya) रहे. उनके अलावा तिलहर से बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा (BJP MLA from Tilhar Roshan Lal Verma) भी मौर्य के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे है.
आदरणीय स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है मैं नहीं जानता हूँ उनसे अपील है कि बैठकर बात करें जल्दबाजी में लिये हुये फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) January 11, 2022
वहीं बांदा की तिंदवारी सीट से BJP विधायक ब्रजेश प्रजापति (BJP MLA Brajesh Prajapati from Banda’s Tindwari) और बिल्हौर से BJP विधायक भगवती सागर (BJP MLA from Bilhaur Bhagwati Sagar) ने भी इस्तीफा दे दिया है. साथ ही विधूना (औरैया) से विधायक विनय शाक्य (Vinay Shakya, MLA from Vidhuna Vidhuna (Auraiya) ने भी अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया.
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी विधायकों का पार्टी को छोड़कर जाना यह भाजपा के लिए अच्छा संकेत नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि विधायकों के इस्तीफे के पीछे सबसे बड़ा कारण पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी उपेक्षा है.
सत्ता के लालच में माफिया गुंडा दंगाई किसी को भी अखिलेश जी सपा में शामिल कर रहे हैं और लाेगों की सुरक्षा और आस्था से खिलवाड़ करना इनकी पुरानी आदत है। ये नयी नहीं, ये वही सपा है: उप मुख्यमंत्री श्री @kpmaurya1#सपा_मतलब_गुंडाराज #सपा_मतलब_भ्रष्टाचार pic.twitter.com/C5mucfxYhS
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) January 11, 2022
