नयी दिल्ली l New Delhi :
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भारतीय राजदूत रुद्रेंद्र टंडन और भारतीय दूतावास के कई अन्य कर्मचारियों को लेकर रवाना हुआ भारतीय वायु सेना का एक विमान मंगलवार (17 अगस्त) की शाम दिल्ली में उतरा।
‘सी-17 ग्लोबमास्टर’ने मंगलवार सुबह काबुल से वहां दूतावास की सुरक्षा के लिए तैनात आईटीबीपी कर्मियों और अन्य लोगों के साथ उड़ान भरी थी। भारतीय अधिकारियों के साथ यह विमान लगभग 11:00 बजे पहले गुजरात के जामनगर में उतरा था और फिर इसने वहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरी।
इस विमान को सोमवार को पूरे दिन काबुल में इंतजार करना पड़ा और मंगलवार सुबह ही यह उड़ान भर सका। जिस क्षेत्र में भारतीय दूतावास स्थित हैं वहां तालिबानी आतंकवादियों के पहुंचने के बाद से सोमवार को भारतीयों को निकालने की प्रकिया धीमी कर दी गई थी।
दूतावास से हवाई अड्डे तक जाने वाली सड़क तालिबान लड़ाकों के कब्जे में थी और इसी वजह से सुरक्षा कारणों को देखते हुए भारत अमेरिका के संपर्क में था, जिसने भारतीय लोगों को निकालने में मदद की। वायुसेना का एक और सी-17 विमान सोमवार (16 अगस्त) सुबह दिल्ली में कुछ लोगों को लेकर उतरा था।
एयर इंडिया की एक फ्लाइट ने रविवार (15 अगस्त) रात 129 भारतीय और अफगान नागरिकों को वहां से निकाला था । गौरतलब है कि तालिबान ने रविवार को राजधानी काबुल में प्रवेश कर लिया था l और इसके बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए।
