अब भारतीय नागरिकों के लिए एक अनूठा स्वास्थ्य कार्ड (Unique Health card for Indian citizens) पेश करने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है.
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नई दिल्ली l New Delhi :
पिछले कुछ वर्षों में, आधार कार्ड के उपयोग ने किसानों और गरीब नागरिकों को संकट के समय में सरकारी अनुदान या वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में प्राप्त करना संभव बना दिया है. (Aadhar card has made it possible for farmers and poor citizens to get government grants or financial assistance directly to bank accounts in times of crisis.)
आधार कार्ड (Aadhar card) ने वित्तीय लेनदेन में अधिक पारदर्शिता लाई है. आधार कार्ड से आम आदमी को कई फायदे हुए हैं. इसी को लेकर मोदी सरकार (Modi government) अब भारतीय नागरिकों के लिए एक अनूठा स्वास्थ्य कार्ड (Unique Health card for Indian citizens) पेश करने पर विचार कर रही है. केंद्रीय स्तर पर इसके लिए हलचल तेज हो गई है.
डिजिटल हेल्थ मिशन (Digital Health Mission) के तहत सरकार हर व्यक्ति के लिए एक यूनिक हेल्थ कार्ड (Unique Health card) बनाएगी. यह कार्ड पूरी तरह से डिजिटल (Digital) होगा जो आधार कार्ड की तरह ही दिखेगा. इस कार्ड पर आपको एक नंबर मिलेगा, आपको आधार नंबर जैसा होगा.
इस नंबर का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं और योजनाओं का लाभ उठाने के दौरान संबंधित व्यक्ति की पहचान करने के लिए किया जाएगा. इस नंबर के माध्यम से एक क्लिक से संबंधित व्यक्ति की मेडिकल पृष्ठभूमि (Medical background) डॉक्टर को उपलब्ध हो जाएगी.
साथ ही व्यक्ति को पता चल जाएगा कि, इलाज कहां कराया गया. इस अनोखे हेल्थ कार्ड में उस व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ी हर जानकारी दर्ज होगी. इस कार्ड का फायदा यह है कि, मरीज को बड़ी-बड़ी फाइलें अपने साथ नहीं रखनी होंगी.
डॉक्टर या अस्पताल मरीज की यूनिक हेल्थ आईडी देखेंगे और उसका सारा डेटा निकालेंगे. उसके आधार पर आगे का इलाज शुरू किया जा सकता है.
कार्ड आपको यह भी बताएगा कि, व्यक्ति को किन सरकारी योजनाओं से लाभ होता है. या हो सकता है. इस अनोखे कार्ड से आपको पता चल जाएगा कि, आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) के तहत मरीज को इलाज की सुविधा का लाभ मिलता है या नहीं.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना क्या है? (What is National Health Scheme?)
केंद्र सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ योजना के तहत राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (National Digital Health Mission) शुरू किया है. इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों में जागरूकता पैदा करना और उन्हें स्वास्थ्य अभियान से जोड़ना है.
साथ ही देश के हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल मुहैया करानी होगी. मोदी सरकार इस मिशन के लिए टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहती है. यूनिक हेल्थ कार्ड की सुविधा पूरी तरह से ऑनलाइन होगी. इस पहल को डिजिटल हेल्थ मिशन का नाम दिया गया है.
यूनिक हेल्थ कार्ड का लाभ कैसे उठाएं? (How to avail Unique Health Card?)
यूनिक हेल्थ आईडी (Unique Health ID) के तहत सरकार हर व्यक्ति के स्वास्थ्य का डेटाबेस बनाएगी. इस आईडी से व्यक्ति का मेडिकल रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा.
इस आईडी की मदद से किसी व्यक्ति का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड देखा जा सकता है. अगर व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है तो वह अपनी हेल्थ आईडी दिखाएगा.
यह आईडी सभी विवरण प्रदान करेगी कि, संबंधित रोगी को पहले क्या उपचार दिया गया था, किस डॉक्टर से परामर्श किया गया था और कौन सी दवा पहले दी गई थी.
सरकार डेटाबेस से किसी व्यक्ति की श्रेणी और उसकी वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करेगी. उसी के आधार पर सरकार सब्सिडी आदि का लाभ दे सकेगी.
स्वास्थ्य कार्ड में क्या शामिल है? (What is included in the health card?)
सबसे पहले जिस व्यक्ति की आईडी जनरेट होगी उसका मोबाइल नंबर और आधार नंबर लिया जाएगा. इन दोनों एंट्री की मदद से एक यूनिक हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा.
इसके लिए सरकार एक हेल्थ अथॉरिटी बनाएगी, जो पर्सनल डेटा कलेक्ट करेगी. जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य पहचान पत्र बनाया जाना है, उसका स्वास्थ्य रिकॉर्ड एकत्र करने की अनुमति स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दी जाएगी. इसी का आधार लेके आगे का काम किया जाएगा.
सार्वजनिक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों या राष्ट्रीय स्वास्थ्य अवसंरचना रजिस्ट्री से संबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदाता एक व्यक्ति की स्वास्थ्य आईडी बना सकते हैं. (Healthcare providers affiliated with public hospitals, community health centres, health and wellness centers or the National Health Infrastructure Registry can generate an individual’s health ID)