जम्मू-कश्मीर l Jammu-Kashmir :
जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी (Jammu and Kashmir hurriyat leader Syed Ali Shah Gilani passed away on Wednesday night) का बुधवार (01 सितम्बर) रात निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज गुरुवार (02 सितम्बर) सुबह पांच बजे किया गया।
जम्मू-कश्मीर के हैदरपोरा इलाके में गुरुवार सुबह पांच बजे उनका ‘सुपुर्द ए खाक’ किया गया। हलाकि परिवार के लोग सुबह 10 बजे तक गिलानी को दफनाना चाहते थे। परिजनों को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए था। लेकिन, इसकी इजाजत नहीं दी गई।
तीन दशक से अधिक समय तक अलगाववादी समूह का नेतृत्व करने वाले सैयद अली शाह गिलानी की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के हालात पर सुरक्षा बल कड़ी नजर रखे हुए हैं।
कश्मीर घाटी में किसी भी तरह की अनुचित घटना को रोकने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसमें वैली में इंटरनेट सेवा स्तगित करना शामिल है। प्रशासन का कहना है कि, अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया जाना चाहिए।
गिलानी के निधन पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan’s Prime Minister Imran Khan) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शोक व्यक्त किया है।
https://twitter.com/ImranKhanPTI/status/1433138516058382339
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Former Jammu and Kashmir Chief Minister Mehbooba Mufti) ने भी ट्वीट किया कि. वह गिलानी के निधन से दुखी हैं। “हालांकि हम विचारोसे ज्यादा सहमत नहीं थे, लेकिन मैं उनकी दृढ़ता और विश्वास का सम्मान करती हूं।”
Saddened by the news of Geelani sahab’s passing away. We may not have agreed on most things but I respect him for his steadfastness & standing by his beliefs. May Allah Ta’aala grant him jannat & condolences to his family & well wishers.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) September 1, 2021
उनकी मृत्यु के समय सैयद अली शाह गिलानी 92 वर्ष के थे। उनके परिवार में दो बेटे और छह बेटियां हैं। 1968 में अपनी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने पुनर्विवाह किया था। वह पिछले 20 साल से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। जैसे-जैसे वे बड़े होते गए उन्हें अन्य शारीरिक समस्याओं से भी जूझना पड़ा।
