Maharashtra : मनी लॉन्ड्रिंग केस में अनिल देशमुख को फिर बड़ा झटका, इस तारीख तक ED की हिरासत में भेजे गए

Maharashtra : मनी लॉन्ड्रिंग केस में अनिल देशमुख को फिर बड़ा झटका, इस तारीख तक ED की हिरासत में भेजे गए l Anil Deshmukh ED Custody exteded
Maharashtra : मनी लॉन्ड्रिंग केस में अनिल देशमुख को फिर बड़ा झटका, इस तारीख तक ED की हिरासत में भेजे गए l Anil Deshmukh ED Custody exteded
Share on Social Sites

मुंबई l Mumbai :

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Former Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) को कथित एक करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Alleged money laundering case) में उनकी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (Enforcement Directorate (ED) की हिरासत 15 नवंबर 2021 तक बढ़ा दी है. प्रवर्तन निदेशालय ने देशमुख को पिछले सप्ताह में गिरफ्तार किया था.

विशेष अवकाशकालीन अदालत (A Special Holiday Court) ने छह नवंबर को 71 वर्षीय राष्ट्रवादी कांग्रेस नेता देशमुख को न्यायिक हिरासत में भेजा था और ईडी की हिरासत की मांग खारिज कर दी थी.

इसके एक दिन बाद ही बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए देशमुख को 12 नवंबर 2021 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था.

पूर्व मंत्री को आज (शुक्रवार) को पीएमएलए (PMLA) Prevention of Money Laundering Act, 2002) की अदालत के न्यायाधीश एचएस सठभाई (Judge HS Sathbhai) के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उनकी हिरासत की अवधि 15 नवंबर तक बढ़ा दी.

फरार परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ और सबूत ना होने का हलफनामा भेजा (Parambir Singh sent an affidavit against Anil Deshmukh for lack of evidence)

इस बीच अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Parambir Singh) ने इस मामले की जांच कर रहे चांदीवाल आयोग (Chandiwal Commission) को एक हलफनामा भेजा है.

हलफनामें में उन्होंने कहै है कि, उनके पास अनिल देशमुख के खिलाफ और कोई सबूत नहीं है. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) की ओर से इस मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश कैलाश उत्तमचंद चांदीवाल (Former judge Kailash Uttamchand Chandiwal) के नेतृत्व में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया है.

क्या है पूरा मामला? (What is the whole matter?)

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Parambir Singh) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार (NCP President Sharad Pawar) को पत्र लिखकर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए थे.

परमबीर सिंह का आरोप था कि, अनिल देशमुख सचिन वाजे (API Sachin Waje) सहित पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल मुंबई (Mumbai) के बार और रेस्टोरेंट्स से वसूली के लिए कर रहे है. परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि, अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया है. (Parambir Singh had alleged that Anil Deshmukh has given a target of recovery of Rs 100 crore to the police officers)

इसके बाद एपीआई सचिन वाजे (API Sachin Waje) पर भी इस मामले में कार्रवाई की गई और उन्हें मुख्य आरोपी के तौर पर अरेस्ट किया गया. अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पालांडे (Personal Secretary (PS) Sanjeev Palande) और निजी सहायक कुंदन शिंदे (PA) Kundan Shinde) को इस मामले में दो महीने पहले गिरफ्तार किया गया. सचिन वाजे फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) की कस्टडी में है. सचिन वाजे की भी आज क्राइम ब्रांच की कस्टडी खत्म हुई. आज फिर सचिन वाजे को 13 नवंबर 2021 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.

T20 World Cup Pakistan Vs Australia : शिया हैं इसलिए हसन ने छोड़ा कैच, ‘हिंदुस्‍तानी बिवी’ को गंदी गालियां, पाक में हसन अली के लिए नफरत‍ की सारी हदें पार

See also  आज से खुलेंगे मंदिरों के कपाट, दर्शन के लिए जाने से पहले याद रखें 'ये' नियम

आपण ह्या बातम्या वाचल्यात का?


Share on Social Sites