क्या आपको पता है? Corona Vaccine लगवाने के बाद बनने वाली एंटीबॉडी कितने समय तक रहती है प्रभावी, यहां पढ़ें

भारत देश में लोग कोरोना वायरस से अभी भी त्रस्त है. कोरोना की दूसरी लहर ने कई लोगों को अपने चपेट में ले लिया है. देश में कोरोना के खतरे को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है.
भारत देश में लोग कोरोना वायरस से अभी भी त्रस्त है. कोरोना की दूसरी लहर ने कई लोगों को अपने चपेट में ले लिया है. देश में कोरोना के खतरे को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है.
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मुंबई l Mumbai :

भारत देश में लोग कोरोना वायरस (Corona Virus) से अभी भी त्रस्त है. कोरोना की दूसरी लहर ने कई लोगों को अपने चपेट में ले लिया है. देश में कोरोना के खतरे को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान (Vaccination Campaign) शुरू किया गया है.

टीकाकरण शुरू होने से स्वास्थ्य व्यवस्था को काफी राहत मिल रही है. लेकिन कोरोना का नया व्हेरिएंट अभी भी चिंता पैदा कर रहा है. इसी बीच कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) को लेकर एक अच्छी खबर आई है.

कोविशील्ड वैक्सीन कोरोना टीकाकरण में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला टीका है. सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute) द्वारा विकसित कोविशील्ड वैक्सीन को देश भर में अरबों लोगों को लगाया गया है.

इस बीच, बैंगलोर में श्री जयदेव इन्स्टिट्यूट ऑफ कार्डिओव्हॅस्क्युलर सायन्सेस अँड रिसर्चने (Shri Jayadeva Institute of Cardiovascular Sciences and Research in Bangalore) यह जांचने के लिए एक अध्ययन किया है कि, कोविशील्ड की दो खुराक लेने के बाद एंटीबॉडी शरीर में कितने समय तक मौजूद रहती है.

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इस स्टडी से एक बेहद सुकून देने वाली बात सामने आई है. सर्वे के मुताबिक 99 फीसदी लोगों के शरीर में कोविशील्ड की दोनों डोस लेने के 6 महीने बाद भी एंटीबॉडीज मौजूद थे. (Antibodies were present in the body of 99 percent of the people even after 6 months of taking both the doses of Covishield)

जयदेव के निदेशक डॉ. सी. एन. मंजुनाथ (Dr. C. N. Manjunath, Director of Jayadeva) ने कहा कि, “यह अध्ययन उन 250 स्वास्थ्य कर्मियों के शरीर में एंटीबॉडी की जांच करने के लिए किया गया था जिन्होंने टीकाकरण पूरा कर लिया था.”

उन्होंने आगे कहा, “हमने 250 लोगों के शरीर में एंटीबॉडी का परीक्षण किया. सर्वेक्षण से पता चला कि, 99 प्रतिशत लोगों के शरीर में दोनों खुराक लेने के 6 महीने बाद एंटीबॉडी मौजूद थे. इसलिए हम कह सकते हैं कि, वर्तमान में बूस्टर डोस की कोई आवश्यकता नहीं है.

अध्ययन में भाग लेने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को फरवरी में कोविशील्ड की दूसरी खुराक दी गई थी. इन सभी का अप्रैल में सर्वे किया गया था. उस समय, 79 प्रतिशत लोगों के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. शेष 21 प्रतिशत लोगों के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी.

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